वक्रतुण्ड महाकाय
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
हे विशाल शरीर और वक्र सूँड वाले गणेशजी, जिनका तेज करोड़ों सूर्यों के समान है, मेरे सभी उचित कार्यों में आने वा…
वैदिक मंत्रों, प्रार्थनाओं, स्तोत्रों और आरतियों का अर्थ सहित प्रमाणित डिजिटल संग्रह।
108 प्रविष्टियाँ
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
हे विशाल शरीर और वक्र सूँड वाले गणेशजी, जिनका तेज करोड़ों सूर्यों के समान है, मेरे सभी उचित कार्यों में आने वा…
गजाननं भूतगणादि सेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम्।…
मैं माता उमा के पुत्र, विघ्नों के स्वामी और भक्तों के दुःख दूर करने वाले गजानन गणेशजी के चरणकमलों को प्रणाम कर…
ॐ गं गणपतये नमः॥
मैं विघ्नों को दूर करने वाले और बुद्धि प्रदान करने वाले भगवान गणपति को नमस्कार करता हूँ।
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि। तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्॥
हम एकदंत गणेशजी को जानें, वक्रतुण्ड स्वरूप का ध्यान करें और वे हमारी बुद्धि को शुभ दिशा प्रदान करें।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
गणेशजी के बारह प्रसिद्ध नामों के स्मरण वाला स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
संकट-निवारण की भावना से पढ़ा जाने वाला प्रसिद्ध गणेश स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
आदि शंकराचार्य-परंपरा में प्रसिद्ध पाँच रत्न-श्लोकों वाला गणेश स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा …
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
गणेश-उपासना की परंपरा का अत्यंत प्रतिष्ठित पाठ, जिसमें गणपति को परम तत्त्व रूप में स्तुत किया गया है; पूर्ण मू…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
प्रातःकाल गणेशजी के स्मरण हेतु प्रचलित स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
गणेशजी की सर्वाधिक प्रचलित आरती; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
ॐ नमः शिवाय॥
मैं कल्याणस्वरूप भगवान शिव को नमस्कार करता हूँ और अपने अहंकार को उनके समक्ष समर्पित करता हूँ।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
हम तीन नेत्रों वाले शिव की उपासना करते हैं, जो जीवन को पुष्ट करते हैं। जैसे पका फल डंठल से सहज मुक्त होता है, …
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
हम परम पुरुष महादेव को जानें, उनका ध्यान करें और भगवान रुद्र हमारी बुद्धि को सत्य की ओर प्रेरित करें।
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥
मैं कपूर के समान उज्ज्वल, करुणा के अवतार, नागों का हार धारण करने वाले शिव और माता भवानी को प्रणाम करता हूँ। वे…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
"नमः शिवाय" के पाँच अक्षरों पर आधारित आदि शंकराचार्य-परंपरा का प्रसिद्ध स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्च…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
रावण-रचित माना जाने वाला ओजस्वी छन्दों वाला प्रसिद्ध शिव स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पुष्पदन्त-रचित माना जाने वाला, शिव की महिमा का अत्यंत प्रतिष्ठित स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
शिवलिंग की वंदना के आठ श्लोकों वाला प्रचलित अष्टकम्; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
शिव-पूजा में बिल्वपत्र अर्पण की महिमा बताने वाला अष्टकम्; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
गोस्वामी तुलसीदास-परंपरा (श्रीरामचरितमानस, उत्तरकांड) का प्रसिद्ध शिव-स्तवन; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात ज…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
काशी के कालभैरव की स्तुति का आदि शंकराचार्य-परंपरा में प्रसिद्ध अष्टकम्; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
चन्द्रमौलि शिव की शरणागति का प्रसिद्ध अष्टकम्; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
शिव-पार्वती के अर्धनारीश्वर स्वरूप की स्तुति; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
आदि गुरु दक्षिणामूर्ति शिव की स्तुति का आदि शंकराचार्य-परंपरा में प्रतिष्ठित स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
मन के भावों से शिव की पूजा का आदि शंकराचार्य-परंपरा में प्रसिद्ध स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
जाने-अनजाने हुए अपराधों के लिए शिव से क्षमा-प्रार्थना का स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
शिवतत्त्व का सार प्रस्तुत करने वाला प्रचलित स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
वसिष्ठ-परंपरा में प्रसिद्ध शिव-स्तवन; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
प्रातःकाल शिव-स्मरण हेतु प्रचलित स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
शिवजी की सर्वाधिक प्रचलित आरती; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
ॐ नमो नारायणाय॥
मैं संपूर्ण जगत के आश्रय भगवान नारायण को नमस्कार करता हूँ।
शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशम्।…
मैं शांत स्वरूप, शेषनाग पर विराजमान, कमलनाभ, जगत के आधार और माता लक्ष्मी के स्वामी भगवान विष्णु को प्रणाम करता…
ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
हम नारायण को जानें, वासुदेव का ध्यान करें और भगवान विष्णु हमारी बुद्धि को सत्य और धर्म की ओर प्रेरित करें।
मङ्गलं भगवान् विष्णुः मङ्गलं गरुडध्वजः। मङ्गलं पुण्डरीकाक्षो मङ्गलायतनो हरिः॥
भगवान विष्णु मंगलस्वरूप हैं। गरुड़ध्वज, कमलनयन भगवान हरि समस्त मंगल के आश्रय हैं।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
महाभारत (अनुशासन पर्व) परंपरा में प्रसिद्ध, भगवान विष्णु के एक सहस्र नामों का पाठ; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
भगवान विष्णु के १०८ नामों की नामावली; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
श्रीमद्भागवत-परंपरा (षष्ठ स्कंध) में प्रसिद्ध रक्षा-भावना का कवच-पाठ; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जा…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
भगवान अच्युत (विष्णु/कृष्ण/राम) के नाम-स्मरण का आदि शंकराचार्य-परंपरा में प्रसिद्ध अष्टकम्; पूर्ण मूल पाठ सत्य…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
कुलशेखर-परंपरा में प्रसिद्ध, भगवान मुकुन्द के प्रति शरणागति-भाव का स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जो…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
कवि जयदेव-परंपरा (गीतगोविन्द) में प्रसिद्ध, भगवान के दस अवतारों की स्तुति; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
छह श्लोकों में विष्णु-शरणागति का आदि शंकराचार्य-परंपरा में प्रसिद्ध स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात ज…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
विराट पुरुष की वंदना का वैदिक सूक्त (ऋग्वेद-परंपरा); पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
नारायण-तत्त्व की वंदना का वैदिक सूक्त (यजुर्वेद/महानारायण परंपरा); पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
भगवान विष्णु/जगदीश की सर्वाधिक प्रचलित आरती; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
श्री राम जय राम जय जय राम॥
यह मंत्र भगवान राम के नाम, विजय, मर्यादा और धर्म का स्मरण कराता है।
ॐ दाशरथाय विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि। तन्नो रामः प्रचोदयात्॥
हम दशरथ पुत्र और सीताजी के प्रिय भगवान राम को जानें, उनका ध्यान करें और वे हमारी बुद्धि को धर्म के मार्ग पर प्…
श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणम्॥
हे मन, करुणामय श्रीराम का स्मरण करो, जो संसार के भय और दुःख को दूर करने वाले हैं।
आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम्। लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम्॥
मैं बार-बार उन श्रीराम को प्रणाम करता हूँ जो संकटों को दूर करने वाले, सद्गुणों के दाता और समस्त लोकों को प्रिय…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
बुधकौशिक ऋषि-परंपरा में प्रसिद्ध, श्रीराम की रक्षा-भावना का अत्यंत लोकप्रिय स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के …
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
संक्षिप्त नाम-रूप में संपूर्ण रामकथा का स्मरण कराने वाला पाठ; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
श्रीराम की स्तुति के आठ श्लोकों वाला अष्टकम्; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
श्रीराम की रक्षा-भावना का कवच-पाठ; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
चालीस चौपाइयों में श्रीराम की स्तुति; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
श्रीराम की प्रचलित आरती; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥
मैं सर्वव्यापक भगवान वासुदेव श्रीकृष्ण को नमस्कार करता हूँ।
वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्। देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥
मैं वसुदेव के पुत्र, कंस और चाणूर का नाश करने वाले, देवकी को आनंद देने वाले जगद्गुरु श्रीकृष्ण को प्रणाम करता …
ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नः कृष्णः प्रचोदयात्॥
हम देवकीनंदन श्रीकृष्ण को जानें, वासुदेव का ध्यान करें और श्रीकृष्ण हमारी बुद्धि को धर्म तथा प्रेम की दिशा दें…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
बिल्वमंगल (लीलाशुक)-परंपरा में प्रसिद्ध "गोविन्द दामोदर माधवेति" नाम-स्मरण स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के प…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
महाप्रभु वल्लभाचार्य-परंपरा में प्रसिद्ध, श्रीकृष्ण की मधुरता का अष्टकम् ("अधरं मधुरं…"); पूर्ण मूल पाठ सत्याप…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
श्रीकृष्ण की स्तुति के आठ श्लोकों वाला अष्टकम्; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पद्म पुराण-परंपरा में प्रसिद्ध, कार्तिक मास में विशेष पढ़ा जाने वाला दामोदर-स्तवन; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
भगवान जगन्नाथ की स्तुति का प्रसिद्ध अष्टकम्; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
भगवान गोपाल (श्रीकृष्ण) के सहस्र नामों का पाठ; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
श्रीकृष्ण की प्रचलित आरती; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
ॐ हनुमते नमः॥
मैं शक्ति, सेवा, भक्ति और साहस के स्वरूप हनुमानजी को प्रणाम करता हूँ।
मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।…
मैं मन के समान तीव्र, वायु के समान वेगवान, इंद्रियों को जीतने वाले, बुद्धिमानों में श्रेष्ठ और श्रीराम के दूत …
अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्।…
मैं अतुलनीय बल, ज्ञान और गुणों के भंडार, श्रीराम के परम भक्त हनुमानजी को प्रणाम करता हूँ।
ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो हनुमान् प्रचोदयात्॥
हम अंजनीपुत्र और वायुपुत्र हनुमानजी को जानें, उनका ध्यान करें और वे हमारी बुद्धि को साहस एवं सेवा की प्रेरणा द…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
गोस्वामी तुलसीदास-परंपरा की चालीस चौपाइयों वाली, हनुमानजी की सर्वाधिक लोकप्रिय स्तुति; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन क…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
गोस्वामी तुलसीदास-परंपरा का प्रसिद्ध हनुमान-अष्टक; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
हनुमानजी के तीव्र स्मरण की लोकप्रचलित रचना; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
गोस्वामी तुलसीदास-परंपरा की प्रसिद्ध रचना; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
हनुमानजी की रक्षा-भावना का कवच-पाठ; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
हनुमानजी की प्रचलित आरती ("आरती कीजै हनुमान लला की"); पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
ॐ दुं दुर्गायै नमः॥
मैं संकटों से रक्षा करने वाली माता दुर्गा को प्रणाम करता हूँ।
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
हे समस्त मंगलों की मंगलमयी, कल्याणस्वरूप, सभी उचित पुरुषार्थों को पूर्ण करने वाली और शरण देने वाली माता नारायण…
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
जो देवी समस्त प्राणियों में शक्ति के रूप में विद्यमान हैं, उन्हें बार-बार प्रणाम है।
ॐ कात्यायनाय विद्महे कन्याकुमारि धीमहि। तन्नो दुर्गिः प्रचोदयात्॥
हम माता कात्यायनी को जानें, दिव्य कन्याकुमारी का ध्यान करें और माता दुर्गा हमारी बुद्धि को प्रेरित करें।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
दुर्गासप्तशती के सात प्रतिनिधि श्लोकों का संक्षिप्त पाठ; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
दुर्गासप्तशती-परंपरा का प्रसिद्ध रक्षा-कवच; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
दुर्गासप्तशती-पाठ की परंपरा में पढ़ा जाने वाला अंग-स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
दुर्गासप्तशती-पाठ की परंपरा का अंग-स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
"अयि गिरिनन्दिनि" से प्रारंभ होने वाला ओजस्वी देवी-स्तवन; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
दुर्गासप्तशती-परंपरा से जुड़ा प्रसिद्ध स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
माता से क्षमा-प्रार्थना का आदि शंकराचार्य-परंपरा में प्रसिद्ध स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा ज…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
"गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि" भाव की शरणागति का प्रसिद्ध अष्टकम्; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा …
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
काशी की माता अन्नपूर्णा की स्तुति का प्रसिद्ध स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
माता की प्रचलित आरती; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥
मैं समृद्धि, सद्भाव, सौभाग्य और मंगल की अधिष्ठात्री माता महालक्ष्मी को नमस्कार करता हूँ।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पद्म पुराण-परंपरा में प्रसिद्ध महालक्ष्मी-स्तवन ("नमस्तेऽस्तु महामाये"); पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
श्री (लक्ष्मी) की वंदना का प्रसिद्ध वैदिक सूक्त (ऋग्वेद-खिल परंपरा); पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाए…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
आदि शंकराचार्य-परंपरा में प्रसिद्ध लक्ष्मी-स्तवन; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि। तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥
हम महालक्ष्मी को जानें, भगवान विष्णु की शक्ति का ध्यान करें और माता लक्ष्मी हमें समृद्ध एवं धर्मपूर्ण जीवन की …
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
माता लक्ष्मी की सर्वाधिक प्रचलित आरती; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।…
श्वेत कमल पर विराजमान, वीणा धारण करने वाली और अज्ञान दूर करने वाली माता सरस्वती हमारी बुद्धि और वाणी की रक्षा …
ॐ वाग्देव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
हम वाणी की देवी सरस्वती को जानें, उनका ध्यान करें और देवी हमारी बुद्धि को प्रेरित करें।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
विद्या और वाणी की देवी सरस्वती की स्तुति का स्तोत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
माता सरस्वती की प्रचलित आरती; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
ॐ भास्कराय विद्महे महाद्युतिकराय धीमहि। तन्नो आदित्यः प्रचोदयात्॥
हम प्रकाश देने वाले सूर्यदेव को जानें, उनके तेज का ध्यान करें और आदित्य हमारी बुद्धि को प्रकाशित करें।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
वाल्मीकि रामायण (युद्धकांड)-परंपरा में प्रसिद्ध, अगस्त्य ऋषि द्वारा श्रीराम को दिया गया सूर्य-स्तवन; पूर्ण मूल…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
सूर्यदेव की स्तुति के आठ श्लोकों वाला अष्टकम्; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
सूर्य नमस्कार की बारह स्थितियों के साथ स्मरण किए जाने वाले सूर्यदेव के बारह नाम-मंत्र; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन क…
पाठ शीघ्र — सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
सूर्यदेव की प्रचलित आरती; पूर्ण मूल पाठ सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा।
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
गुरु ज्ञान की सृजन, संरक्षण और अज्ञान-विनाशकारी शक्ति के प्रतिनिधि हैं। ऐसे गुरु को प्रणाम है जो परम सत्य का ब…
अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम्। तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
जिस गुरु ने समस्त चर-अचर जगत में व्याप्त परम सत्य का दर्शन कराया, उस गुरु को प्रणाम है।
असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मामृतं गमय॥
मुझे असत्य से सत्य की ओर, अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर और मृत्यु के भय से अमृतस्वरूप आत्मज्ञान की…
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्॥
सभी सुखी हों, सभी स्वस्थ रहें, सभी कल्याण का अनुभव करें और किसी को दुःख न प्राप्त हो।
ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै। तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषावहै।…
ईश्वर गुरु और शिष्य दोनों की रक्षा तथा पोषण करें। हम मिलकर शक्ति और उत्साह से अध्ययन करें। हमारा ज्ञान तेजस्वी…
नोट: जिन प्रविष्टियों पर "स्रोत सत्यापन लंबित" अंकित है, उनका पूर्ण मूल पाठ शास्त्रीय सत्यापन के पश्चात जोड़ा जाएगा। यह संग्रह किसी चमत्कार या निश्चित फल का दावा नहीं करता — यह श्रद्धा, अध्ययन और स्मरण हेतु है।