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मंत्र एवं स्तुतियाँ

आपदामपहर्तारम्

श्रीराम · प्रार्थना

लोकप्रचलित प्रार्थनाश्रीरामप्रार्थना

आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम्। लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम्॥

📖 भावार्थ

मैं बार-बार उन श्रीराम को प्रणाम करता हूँ जो संकटों को दूर करने वाले, सद्गुणों के दाता और समस्त लोकों को प्रिय हैं।

📜 स्रोत

प्रचलित राम-स्मरण श्लोक-परंपरा

🪔 पाठ-पूर्व ध्यान रखने योग्य बातें

  • स्वच्छ स्थान और स्वच्छ शरीर — यथासंभव स्नान के पश्चात पाठ करें।
  • शांत मन — कुछ क्षण गहरी श्वास लेकर मन स्थिर करें।
  • श्रद्धा और सम्मान — शब्दों को धीरे, स्पष्ट और भावपूर्वक बोलें।
  • अर्थ समझकर पाठ करना अधिक फलदायी माना गया है — भावार्थ अवश्य पढ़ें।

कौन पढ़ सकता है?

यह पाठ श्रद्धा रखने वाला कोई भी व्यक्ति कर सकता है — स्वच्छता, शांत मन और सम्मानपूर्ण उच्चारण ही मुख्य नियम हैं। विशेष साधना-विधियाँ (बीजमंत्र, दीक्षा, अनुष्ठान) योग्य गुरु-परंपरा से सीखें।

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