गंगा
भौगोलिक जानकारी
गंगोत्री (गोमुख) हिमनद से निकलकर उत्तर भारत के मैदानों से बहती हुई बंगाल की खाड़ी में मिलती है; लंबाई लगभग 2,525 किमी।
ग्रंथीय संदर्भ
ऋग्वेद के नदी सूक्त (10.75) में उल्लेख; पुराणों में भगीरथ द्वारा गंगावतरण की कथा; गीता (10.31) में "स्रोतसामस्मि जाह्नवी"।
परंपरागत मान्यता
परंपरा में गंगा को माता और पापनाशिनी कहा गया है (परंपरागत मान्यता); गंगा स्नान, गंगाजल और गंगा आरती की व्यापक परंपराएँ हैं।
पर्यावरणीय महत्व
करोड़ों लोगों की जल-आपूर्ति और कृषि का आधार; गंगा डॉल्फिन जैसी प्रजातियों का आवास। प्रदूषण-मुक्ति आज की बड़ी आवश्यकता है — नदी की सेवा ही सच्चा आदर है।