सनातन ज्ञान
ज्ञान संसार
उपासना धाराएँ

संप्रदाय

सनातन धारा की प्रमुख उपासना-परंपराएँ — शैव, वैष्णव, शाक्त और स्मार्त। सभी परंपराओं का समान आदर; जहाँ दृष्टियाँ भिन्न हैं, वहाँ परंपरा का नाम स्पष्ट लिखा गया है।

शैव परंपरा

शिव परम तत्व

शिव को परम तत्व मानने वाली धारा। दक्षिण में शैव सिद्धांत, कश्मीर में त्रिक (कश्मीर शैव), कर्नाटक-महाराष्ट्र में वीरशैव/लिंगायत आदि शाखाएँ।

प्रमुख ग्रंथ

वेद (रुद्राध्याय)शिव पुराणशैव आगमतिरुमुरै (तमिळ परंपरा)

प्रमुख धाराएँ

शैव सिद्धांत · कश्मीर शैव · वीरशैव/लिंगायत · नाथ परंपरा

परंपरागत मान्यता

वैष्णव परंपरा

विष्णु/कृष्ण/राम परम तत्व

विष्णु और उनके अवतारों की उपासना की धारा। चार प्रमुख संप्रदाय परंपरा में गिने जाते हैं — श्री (रामानुज), ब्रह्म (मध्व), रुद्र (वल्लभ), सनक/कुमार (निंबार्क); साथ ही रामानंदी और गौड़ीय धाराएँ।

प्रमुख ग्रंथ

भगवद्गीताश्रीमद्भागवतरामायणदिव्य प्रबंधम् (तमिळ परंपरा)

प्रमुख धाराएँ

श्री वैष्णव · माध्व · पुष्टिमार्ग (वल्लभ) · निंबार्क · रामानंदी · गौड़ीय

परंपरागत मान्यता

शाक्त परंपरा

देवी (शक्ति) परम तत्व

शक्ति (देवी) को परम तत्व मानने वाली धारा — श्रीकुल और कालीकुल दो प्रमुख धाराएँ मानी जाती हैं। नवरात्रि और शक्तिपीठ इसी परंपरा से जुड़े हैं।

प्रमुख ग्रंथ

देवी महात्म्यदेवी भागवतललिता सहस्रनामतंत्र ग्रंथ

प्रमुख धाराएँ

श्रीकुल (श्रीविद्या) · कालीकुल · क्षेत्रीय देवी-परंपराएँ

परंपरागत मान्यता

स्मार्त परंपरा

पंचायतन उपासना — पाँच देवताओं का समन्वय

स्मृति-ग्रंथों पर आधारित समन्वयकारी धारा — शिव, विष्णु, देवी, गणेश और सूर्य की पंचायतन पूजा। अद्वैत वेदांत से गहरा संबंध (परंपरा अनुसार आदि शंकराचार्य से जुड़ी)।

प्रमुख ग्रंथ

वेदस्मृतियाँप्रस्थानत्रयी (उपनिषद्, गीता, ब्रह्मसूत्र)

प्रमुख धाराएँ

पंचायतन पूजा · अद्वैत वेदांत अध्ययन-परंपरा

परंपरागत मान्यता

नोट: ये धाराएँ परस्पर विरोधी नहीं, एक ही सनातन वृक्ष की शाखाएँ मानी जाती हैं (व्यापक प्रचलित मान्यता)। अनेक परिवार एक से अधिक धाराओं की परंपराओं का पालन करते हैं।