सनातन ज्ञान
ज्ञान संसार
ज्ञान केंद्र

प्रमुख मठ

अध्ययन, साधना और गुरु-परंपरा के संस्थागत केंद्र — परंपरागत विवरण के साथ। वर्तमान पदधारियों के नाम यहाँ नहीं दिए जाते।

मठ-परंपरा का केंद्रीय ढाँचा चार आम्नाय पीठ हैं — श्रृंगेरी (दक्षिण), द्वारका (पश्चिम), पुरी (पूर्व), ज्योतिर्मठ (उत्तर)। विस्तृत विवरण परंपरा पृष्ठ पर देखें।

चार आम्नाय पीठ देखें →

श्रृंगेरी मठ

अद्वैत (दक्षिणाम्नाय)

स्थान: श्रृंगेरी, कर्नाटक

चार आम्नाय पीठों में दक्षिण का पीठ — शारदा (सरस्वती) उपासना और वेदांत अध्ययन का केंद्र (परंपरागत विवरण)।

परंपरागत मान्यता

द्वारका मठ

अद्वैत (पश्चिमाम्नाय)

स्थान: द्वारका, गुजरात

पश्चिम दिशा का आम्नाय पीठ (परंपरागत विवरण)।

परंपरागत मान्यता

गोवर्धन मठ, पुरी

अद्वैत (पूर्वाम्नाय)

स्थान: पुरी, ओडिशा

पूर्व दिशा का आम्नाय पीठ — जगन्नाथ क्षेत्र में (परंपरागत विवरण)।

परंपरागत मान्यता

ज्योतिर्मठ

अद्वैत (उत्तराम्नाय)

स्थान: चमोली, उत्तराखंड

उत्तर दिशा का आम्नाय पीठ — बद्रिका क्षेत्र से संबद्ध (परंपरागत विवरण)।

परंपरागत मान्यता

कांची कामकोटि पीठ

अद्वैत

स्थान: कांचीपुरम, तमिलनाडु

अद्वैत परंपरा का प्रसिद्ध पीठ — कामाक्षी उपासना से संबद्ध (परंपरागत विवरण; आम्नाय-गणना में परंपरा-भेद मिलता है)।

परंपरागत मान्यता

उडुपी अष्ट मठ

द्वैत (माध्व)

स्थान: उडुपी, कर्नाटक

मध्वाचार्य की परंपरा के आठ मठ — श्रीकृष्ण मठ की पर्याय-पूजा परंपरा प्रसिद्ध (परंपरागत विवरण)।

परंपरागत मान्यता

श्री वैष्णव मठ-परंपरा

विशिष्टाद्वैत (रामानुज)

स्थान: श्रीरंगम, मेलकोटे, कांचीपुरम आदि

रामानुजाचार्य की परंपरा के अध्ययन-केंद्र — दिव्य देश मंदिरों से संबद्ध (परंपरागत विवरण)।

परंपरागत मान्यता

गौड़ीय मठ-परंपरा

गौड़ीय वैष्णव

स्थान: नवद्वीप, वृंदावन, पुरी आदि

चैतन्य महाप्रभु की परंपरा के अध्ययन और कीर्तन केंद्र (परंपरागत विवरण)।

परंपरागत मान्यता

दक्षिणाम्नाय

श्रृंगेरी शारदा पीठ

पश्चिमाम्नाय

द्वारका शारदा पीठ

पूर्वाम्नाय

पुरी गोवर्धन पीठ

उत्तराम्नाय

ज्योतिर्मठ (जोशीमठ)