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ॐ (प्रणव)
मांडूक्य उपनिषद् 1 — "ओमित्येतदक्षरमिदं सर्वम्"
ॐ
गायत्री मंत्र
ऋग्वेद 3.62.10 (सत्यापन लंबित)
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥
महामृत्युंजय मंत्र
यजुर्वेद / ऋग्वेद 7.59.12
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
शिव पंचाक्षर मंत्र
यजुर्वेद, रुद्राध्याय (श्री रुद्रम्) में "नमः शिवाय" प्राप्त
ॐ नमः शिवाय
गणेश मंत्र
गणपति उपासना परंपरा (गणपति अथर्वशीर्ष से संबद्ध) — संदर्भ: सत्यापन लंबित
ॐ गं गणपतये नमः
वक्रतुण्ड श्लोक
प्रचलित गणेश ध्यान-श्लोक — संदर्भ: सत्यापन लंबित
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
सरस्वती मंत्र
सरस्वती उपासना परंपरा — संदर्भ: सत्यापन लंबित
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः
द्वादशाक्षर मंत्र
भागवत / वैष्णव परंपरा (श्रीमद्भागवत में प्रयुक्त) — संदर्भ: सत्यापन लंबित
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
अष्टाक्षर मंत्र
वैष्णव (श्री) परंपरा; नारायण उपनिषद् से संबद्ध — संदर्भ: सत्यापन लंबित
ॐ नमो नारायणाय
राम मंत्र
राम-भक्ति परंपरा (समर्थ रामदास परंपरा में प्रसिद्ध) — संदर्भ: सत्यापन लंबित
श्री राम जय राम जय जय राम
हरे कृष्ण महामंत्र
कलिसंतरण उपनिषद् (सत्यापन लंबित); गौड़ीय वैष्णव परंपरा में प्रमुख
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
कृष्ण मंत्र
कृष्ण-उपासना (तांत्रिक बीज परंपरा) — संदर्भ: सत्यापन लंबित
ॐ क्लीं कृष्णाय नमः
हनुमान मंत्र
हनुमान-उपासना परंपरा — संदर्भ: सत्यापन लंबित
ॐ हं हनुमते नमः
दुर्गा स्तुति (नारायणि)
देवी महात्म्य (मार्कण्डेय पुराण), अध्याय 11 (सत्यापन लंबित)
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
लक्ष्मी मंत्र
लक्ष्मी-उपासना परंपरा (श्रीसूक्त से संबद्ध परंपरा) — संदर्भ: सत्यापन लंबित
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
सूर्य मंत्र
सूर्य-उपासना परंपरा; सूर्य नमस्कार के नाम-मंत्रों में प्रयुक्त
ॐ सूर्याय नमः
मंगल कामना मंत्र
प्रचलित मंगल-प्रार्थना — मूल संदर्भ: सत्यापन लंबित
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग् भवेत्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
सह नाववतु (शांतिपाठ)
कृष्ण यजुर्वेद परंपरा — कठ एवं तैत्तिरीय उपनिषद् का शांतिपाठ
ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै। तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
असतो मा सद्गमय
बृहदारण्यक उपनिषद् 1.3.28
ॐ असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मा अमृतं गमय॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
पूर्णमदः (शांतिपाठ)
बृहदारण्यक उपनिषद् 5.1.1 / ईशावास्योपनिषद् का शांतिपाठ
ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदच्यते। पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
गुरु वंदना
गुरु गीता परंपरा (स्कंद पुराण से संबद्ध) — संदर्भ: सत्यापन लंबित
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥
अन्नपूर्णा स्तुति
अन्नपूर्णा स्तोत्र (आदि शंकराचार्य को परंपरा से आरोपित) — सत्यापन लंबित
अन्नपूर्णे सदापूर्णे शङ्करप्राणवल्लभे। ज्ञानवैराग्यसिद्ध्यर्थं भिक्षां देहि च पार्वति॥
स्वस्ति मंत्र
ऋग्वेद 1.89.6
ॐ स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः। स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्टनेमिः स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु॥
त्वमेव माता
प्रचलित समर्पण-श्लोक (पाण्डव गीता में प्राप्त, परंपरा अनुसार) — सत्यापन लंबित
त्वमेव माता च पिता त्वमेव त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव। त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव त्वमेव सर्वं मम देवदेव॥
कराग्रे वसते (प्रातः स्मरण)
प्रातः स्मरण लोकपरंपरा — संदर्भ: सत्यापन लंबित
कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती। करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥
शुभं करोति (दीप मंत्र)
दीप-प्रज्वलन लोकपरंपरा — संदर्भ: सत्यापन लंबित
शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यं धनसम्पदा। शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥