प्रमुख पूजाएँ
परंपरागत पूजा-विधियों का परिचय — सामग्री और परंपरागत उद्देश्य के साथ। यहाँ किसी भौतिक फल का वचन नहीं दिया जाता; पूजा का मूल भाव श्रद्धा है।
श्री गणेश पूजा
परंपरा में किसी भी पूजा या शुभ कार्य का आरंभ गणेश-स्मरण से होता है।
परंपरागत उद्देश्य
- ✦नए आरंभ का संकल्प
- ✦विनम्रता और एकाग्रता का भाव
सामग्री: फूल, धूप, दीप, मोदक/मिठाई, दूर्वा
परंपरागत मान्यतापूरा विवरण पढ़ें →श्री लक्ष्मी पूजा
श्री (शोभा-समृद्धि) की देवी लक्ष्मी की पूजा — दीपावली और शुभ अवसरों की परंपरा।
परंपरागत उद्देश्य
- ✦कृतज्ञता का भाव
- ✦गृह-कल्याण की भावना
- ✦स्वच्छता और शुभता की परंपरा
सामग्री: कमल/फूल, दीप, अक्षत, नैवेद्य
परंपरागत मान्यतापूरा विवरण पढ़ें →श्री शिव पूजा
शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करने की सरल परंपरा। सोमवार और श्रावण मास शिव-पूजा के विशेष अवसर माने जाते हैं (शैव परंपरा)।
परंपरागत उद्देश्य
- ✦समर्पण और सरलता का भाव
- ✦परंपरा में इसे शांति और आत्मचिंतन से जोड़ा जाता है
सामग्री: जल, दूध, बेलपत्र, भस्म
परंपरागत मान्यतापूरा विवरण पढ़ें →श्री दुर्गा पूजा
शक्ति की देवी दुर्गा की उपासना। नवरात्रि में नौ रूपों की आराधना की परंपरा (शाक्त परंपरा); बंगाल की दुर्गा पूजा प्रसिद्ध क्षेत्रीय परंपरा है।
परंपरागत उद्देश्य
- ✦शक्ति-उपासना का भाव
- ✦संयम और साधना की परंपरा
सामग्री: लाल चुनरी, नारियल, सिंदूर, फूल
परंपरागत मान्यतापूरा विवरण पढ़ें →श्री सत्यनारायण कथा
भगवान विष्णु के सत्यनारायण रूप की कथा-पूजा — प्रायः पूर्णिमा को परिवार सहित करने की परंपरा।
परंपरागत उद्देश्य
- ✦सत्य के प्रति निष्ठा का भाव
- ✦पारिवारिक सत्संग की परंपरा
सामग्री: पंचामृत, केला, तुलसी, चूरमा/सीरा प्रसाद
परंपरागत मान्यतापूरा विवरण पढ़ें →श्री सरस्वती पूजा
विद्या की देवी सरस्वती की पूजा — वसंत पंचमी पर विशेष परंपरा; विद्यारंभ के अवसर पर भी की जाती है।
परंपरागत उद्देश्य
- ✦विद्या के प्रति श्रद्धा
- ✦अध्ययन के संकल्प का भाव
सामग्री: पीले फूल, पीले वस्त्र, पुस्तक-पूजन
परंपरागत मान्यतापूरा विवरण पढ़ें →श्री हनुमान पूजा
हनुमान जी की उपासना — मंगलवार और शनिवार की परंपरा; हनुमान चालीसा पाठ के साथ।
परंपरागत उद्देश्य
- ✦साहस और विनम्रता का भाव
- ✦निष्काम सेवा-भाव की प्रेरणा
सामग्री: सिंदूर, चमेली का तेल, लड्डू, लाल फूल
परंपरागत मान्यतापूरा विवरण पढ़ें →नवग्रह पूजा
ज्योतिष परंपरा में नौ ग्रहों की शांति-पूजा का विधान मिलता है। यह परंपरागत विवरण है; इसका कोई भौतिक परिणाम-दावा यहाँ नहीं किया जाता।
परंपरागत उद्देश्य
- ✦संतुलन और अनुशासन का भाव (ज्योतिष परंपरा)
सामग्री: नवधान्य, नौ रंग के वस्त्र, तिल, घी
परंपरागत मान्यतापूरा विवरण पढ़ें →गृहप्रवेश पूजा
नए घर में प्रवेश से पहले की जाने वाली परंपरागत पूजा — कलश स्थापना और हवन सहित।
परंपरागत उद्देश्य
- ✦नए आवास के शुभारंभ का भाव
- ✦कृतज्ञता और संकल्प
सामग्री: कलश, आम के पत्ते, हवन सामग्री, नारियल
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