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मंत्र एवं स्तुतियाँ

दुर्गा गायत्री

देवी दुर्गा · गायत्री मंत्र

उपनिषद् स्रोतदेवी दुर्गागायत्री मंत्र

ॐ कात्यायनाय विद्महे कन्याकुमारि धीमहि। तन्नो दुर्गिः प्रचोदयात्॥

📖 भावार्थ

हम माता कात्यायनी को जानें, दिव्य कन्याकुमारी का ध्यान करें और माता दुर्गा हमारी बुद्धि को प्रेरित करें।

📜 स्रोत

महानारायण उपनिषद् (तैत्तिरीय आरण्यक) परंपरा

🪔 पाठ-पूर्व ध्यान रखने योग्य बातें

  • स्वच्छ स्थान और स्वच्छ शरीर — यथासंभव स्नान के पश्चात पाठ करें।
  • शांत मन — कुछ क्षण गहरी श्वास लेकर मन स्थिर करें।
  • श्रद्धा और सम्मान — शब्दों को धीरे, स्पष्ट और भावपूर्वक बोलें।
  • अर्थ समझकर पाठ करना अधिक फलदायी माना गया है — भावार्थ अवश्य पढ़ें।

कौन पढ़ सकता है?

यह पाठ श्रद्धा रखने वाला कोई भी व्यक्ति कर सकता है — स्वच्छता, शांत मन और सम्मानपूर्ण उच्चारण ही मुख्य नियम हैं। विशेष साधना-विधियाँ (बीजमंत्र, दीक्षा, अनुष्ठान) योग्य गुरु-परंपरा से सीखें।

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