केन उपनिषद्
केनोपनिषद्
शक्ति के पीछे की शक्ति का ज्ञान
पढ़ने का समय
50 मिनट
श्लोक/आयत
34
अध्याय/भाग
4
काल अनुमान
ईसा पूर्व 800-600
लेखक
ऋषि तैत्तिरीय
स्रोत
सामवेद
परिचय
"केन" का अर्थ है "किसके द्वारा" या "किसकी शक्ति से"। यह उपनिषद् इसी प्रश्न पर आधारित है कि किसकी शक्ति से सभी कुछ संचालित होता है। यह उपनिषद् सामवेद में है और इसमें चार अध्याय हैं। प्रत्येक अध्याय में ब्रह्म के स्वरूप को विभिन्न कोणों से समझाया गया है।
यह उपनिषद् एक अद्भुत कथा द्वारा इंद्र को यह समझाता है कि देवताओं की जीत किसी व्यक्तिगत देवता की नहीं, बल्कि ब्रह्म की शक्ति से होती है। यह हमें सिखाता है कि सभी शक्तियों का स्रोत एक ही परम शक्ति है - ब्रह्म।
उपनिषद्शक्तिब्रह्मसंस्कृत