सनातन ज्ञान
ज्ञान संसार

॥ सत्यं शिवं सुन्दरम् ॥

सनातन ज्ञान में आपका स्वागत है

वेदों से लेकर पर्वों, परंपराओं, मंत्रों और दर्शन तक—सरल भाषा में पढ़िए, सुनिए और समझिए।

सुझाव प्रश्न

४ वेद
श्रुति परंपरा
१०८
उपनिषद
१८
पुराण
१२
ज्योतिर्लिंग
दैनिक अमृत

आज का सनातन ज्ञान

मूल दर्शन

सनातन धर्म को समझें

मूल अवधारणाएँ जो आपकी आत्मिक यात्रा को समझने में मदद करेंगी

श्रुति एवं स्मृति

ग्रंथों का ज्ञान संसार

वेद परंपरा

सनातन धर्म का सबसे पुराना और पवित्र ग्रंथ। इनमें ब्रह्मांड के रहस्य हैं।

वेद

ऋग्वेदयजुर्वेद
सामवेदअथर्ववेद

ब्राह्मण → आरण्यक → उपनिषद

अन्य महत्वपूर्ण ग्रंथ

देवताओं और ऋषियों की कथाएँ और महान शिक्षाएँ।

पुराण

संख्या: 18

उपनिषद

संख्या: 108

रामायण

संख्या: 7

महाभारत

संख्या: 18

भगवद्गीता

संख्या: 18

पवित्र संख्याएँ

संख्या में सनातन परंपरा

हमारी परंपरा के मुख्य आंकड़े जो संरचना को समझने में मदद करते हैं

देव दर्शन

देवी-देवता ज्ञानकोश

देवताओं के बारे में सम्पूर्ण जानकारी - स्वरूप, प्रतीक, मंत्र और मंदिर

नाद ब्रह्म

मंत्र और स्तोत्र

पवित्र मंत्र जो आपकी दैनिक आध्यात्मिक साधना को समृद्ध करेंगे

आरंभ यहाँ से

आपका पहला मंत्र

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्

मंत्र का नाम

गायत्री मंत्र

अर्थ

हे सूर्य देव! आपकी दिव्य शक्ति से हमें प्रकाश मिले और बुद्धि सही दिशा दिखाए।

लाभ

बुद्धि तीव्र करता है
आत्मविश्वास बढ़ाता है
मन को शांत करता है
सूर्योदय से चंद्रोदय तक

दैनिक सनातन जीवन

🌅सुबह

  • जागरण
    सूर्योदय से पहले जागें
  • करदर्शन
    दोनों हाथों को देखकर नमस्कार करें
  • पृथ्वी स्पर्श
    पृथ्वी को स्पर्श करके क्षमा माँगें
  • स्नान
    ठंडे पानी से शरीर को पवित्र करें
  • सूर्य स्मरण
    सूर्य देव को नमस्कार करें

☀️दिन

  • कार्य आरंभ
    ईश्वर को स्मरण करके काम शुरु करें
  • अध्ययन
    ज्ञान की खोज करते रहें
  • सेवा
    दूसरों की सेवा करें

🌇शाम

  • दीप प्रज्वलन
    घर में दीप जलाएँ
  • संध्या
    शाम की संध्या का पालन करें
  • कथा
    परिवार के साथ धार्मिक कथा सुनें

🌙रात

  • आत्मचिंतन
    दिनभर के कर्मों पर विचार करें
  • क्षमा प्रार्थना
    अपनी गलतियों के लिए क्षमा माँगें
🪔

5 मिनट

सरल दिनचर्या

🛕

15 मिनट

पारिवारिक दिनचर्या

📿

1 घंटा

विस्तृत परंपरागत

नित्य कर्म

त्रिकाल संध्या एवं ब्राह्मण नित्यकर्म

🌄

प्रातः संध्या

मुख्य कदम:

  1. 1आचमन
  2. 2प्राणायाम
  3. 3मार्जन
  4. 4संकल्प
  5. 5अर्घ्य
  6. 6गायत्री जप
🌞

मध्याह्न संध्या

मुख्य कदम:

  1. 1आचमन
  2. 2प्राणायाम
  3. 3अर्घ्य
  4. 4गायत्री जप
  5. 5संपूर्ण पारायण
  6. 6समापन
🌆

सायं संध्या

मुख्य कदम:

  1. 1आचमन
  2. 2प्राणायाम
  3. 3दीप प्रज्वलन
  4. 4अर्घ्य
  5. 5गायत्री जप
  6. 6समापन

महत्वपूर्ण नोट: त्रिकाल संध्या का सटीक तरीका वेद शाखा, सूत्र परंपरा, पारिवारिक परंपरा, क्षेत्र, गुरु और संप्रदाय पर निर्भर करता है। इसे सीखने के लिए आचार्य से संपर्क करें।

उत्सव वर्ष

पर्व, त्योहार और व्रत

भारतीय परंपरा के रंगीन पर्व और उनका आध्यात्मिक महत्व

संयम साधना

प्रमुख व्रत

🪔एकादशी व्रत

🪔पूर्णिमा व्रत

🪔अमावस्या व्रत

🪔कार्तिक व्रत

🪔सोमवार व्रत

🪔शनिवार व्रत

🪔नवरात्रि व्रत

🪔जन्माष्टमी व्रत

आराधना विधि

प्रमुख पूजाएँ

विभिन्न देवताओं की पूजा की विधि, सामग्री और मंत्र

🪔

साधारण संस्करण

बिना जटिल प्रक्रिया के घर पर कर सकने वाली सरल पूजा जिसे कोई भी आसानी से कर सकता है।

🛕

विस्तृत संस्करण

पारंपरिक तरीके से की जाने वाली संपूर्ण और विस्तृत पूजा जिसमें सभी विधिवत निर्देश होते हैं।

तीर्थ यात्रा

पवित्र भूगोल

भारत की पवित्र भूमि पर स्थित तीर्थ स्थलों का ज्ञान

🗺️

भारत का पवित्र भूगोल

सभी महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों का इंटरैक्टिव मानचित्र, दूरी और कैसे पहुँचें की जानकारी